गैर-संचारी रोगों (NCDs) के जोखिम कारक

गैर-संचारी रोगों (NCDs) के जोखिम कारक

गैर-संचारी रोगों (NCDs) के जोखिम कारक

बदले जा सकने वाले जोखिम कारक: वे कारक जिन्हें हम अपनी जीवनशैली और आदतों में थोड़ा बदलाव करके बदल सकते हैं।

तंबाकू का सेवन: धूम्रपान और तंबाकू चबाने से फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग और COPD (सांस की बीमारी) का खतरा बढ़ता है। अगर आप तंबाकू का सेवन करते हैं, तो आप जोखिम में हैं। अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसे छोड़ने की कोशिश करें

गलत खान-पान: अगर आप ज्यादा नमक, चीनी और वसा लेते हैं और फल-सब्जियों का सेवन कम करते हैं, तो आप अपनी खान-पान की आदतें बदल सकते हैं

शारीरिक गतिविधि की कमी: बैठे रहने वाली जीवनशैली (ज्यादा देर बैठना और व्यायाम न करना) मोटापे, उच्च रक्तचाप और इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बनती है।

शराब का हानिकारक सेवन: ज्यादा शराब पीने से लिवर रोग, कुछ प्रकार के कैंसर और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में पिएं या छोड़ दें।

पर्यावरण से जुड़े कारक: वायु प्रदूषण और जहरीले पदार्थों के संपर्क में आने से सांस और हृदय संबंधी बीमारियाँ होती हैं।

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